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POET OF DEATH

मृत्यु से मोहित

मृत्यु से मोहित 1) मेरी महबूबा मृत्यु है। 2) मृत्यु ही मोक्ष है। 3) जो मृत को प्राप्त हुआ, वो मृत ही जाने, जब जीव ने खोया जीवन, तो बने मुक्ति के बहाने। 4) मैं लावारिस हूँ, मैं अनाथ हूँ, मैं ईश्वर की एक निरर्थक संतान हुई। 5) मैं तो पवित्र पापी हूँ, क्योंकि मैं अपने पाप धोने में विश्वास नहीं रखता, पर उन्हें भोगने में रखता हूँ। 6) मेरी त्रासदी में ही नियुक्त है मेरी कामयाबी का मंत्र। जो जान जाओगे मेरी कामयाबी के मायने, तो तुम अपनी-अपनी नाकामी को सराहोगे। लीज़ा if you enjoy what I write you can contribute through this link - FOR INDIAN CONTRIBUTIONS FOR INTERNATIONAL CONTRIBUTIONS & DONATIONS FROM MY DEAREST READERS ALL ACROSS THE WORLD

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